April 20, 2026 5:55 pm

भाजपा संगठन और सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ

*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने नागपुर के अस्पतालों में पहुंचकर उपचाररत बच्चों का जाना हाल और परिजनों से मुलाकात की*
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*- मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबंधित कफ सिरप से जुड़े किसी भी दोषी को छोड़ेगी नहीं*
*- प्रदेश सरकार मानवीय और प्रशासनिक दोनों आधार पर कार्रवाई जारी रखेगी*
*- डॉ. मोहन यादव*
*- कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार की गलती मध्यप्रदेश के मासूमों की काल बन गई*
*- भाजपा संगठन और सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है*
*- श्री हेमंत खण्‍डेलवाल*
भोपाल, 09/10/2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्‍डेलवाल ने गुरुवार को नागपुर पहुंचकर प्रतिबंधित कफ सिरप के कारण बीमार हुए बच्चों और उनके परिजनों से भेंट की। मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में भर्ती छिंदवाड़ा जिले के चार मासूम बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ उनका उपचार करने वाले चिकित्सकों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रतिबंधित कफ सिरप का उपयोग किए जाने के मामले से जुड़े किसी भी दोषी को मध्यप्रदेश सरकार नहीं छोड़ेगी। अभी तमिलनाडु की दवा कंपनी के जिम्मेदार लोगों को दबोचा गया है और उनकी गिरफ्तारी हुई है। मध्यप्रदेश सरकार मानवीय और प्रशासनिक दोनों आधार पर कार्रवाई जारी रखेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस के समर्थन वाली तमिलनाडु सरकार की गलती मध्यप्रदेश के मासूमों की काल बन गई। भाजपा संगठन और सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मध्यप्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों का उपचार कराने के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
*तमिलनाडु सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा – डॉ. मोहन यादव*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तमिलनाडु में निर्मित दवा के उपयोग से ही बच्चों की मृत्यु की बात प्रमाणित हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस ने दवा निर्माता कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। दुर्भाग्य की बात है कि तमिलनाडु सरकार की तरफ से अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर को दवा कंपनी की नियमानुसार जांच करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रेंडम सैंपल लेकर आवश्यक जांच करवाई गई और छिंदवाड़ा के चिकित्सक सहित और अन्य दोषियों का निलंबन भी किया गया है और ड्रग कंट्रोलर को हटाया गया है। इसके साथ ही, जो डॉक्टर उस कंपनी की प्रतिबंधित दवा रोगियों के लिए लगातार लिख रहे है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करना चाहिए। अब तक की जांच में मूल रूप से मैन्युफैक्चरिंग के स्तर पर त्रुटि की बात सामने आई है। त्रुटिपूर्ण यह दवा बच्चों को दी गई जिसके फलस्वरुप जीवन की क्षति हुई। जैसे ही तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट आई वैसे ही मध्यप्रदेश सरकार ने इस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया। दवा कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।
*मध्यप्रदेश पीड़ित पक्ष है, किसी के खिलाफ भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रश्न किया कि वो कौन लोग हैं जिन्होंने इस कंपनी को ड्रग लाइसेंस देने का कार्य किया? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी सी जगह पर किस तरह फैक्ट्री संचालित है, यह प्रश्न पूछा जाना चाहिए। बिना जांच के लाइसेंस कैसे रिन्यू किया गया? इस दवा कंपनी को दोबारा उद्योग लाइसेंस कैसे दिया गया? कोई भी व्यक्ति स्थल पर जाकर अवलोकन कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बच्चे और परिवार तो पीड़ित पक्ष हैं, हमारे प्रदेश के बच्चों की मृत्यु हुई है। इस संवेदनशील प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार किसी भी दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
*कांग्रेस मानवता का परिचय देकर तमिलनाडु सरकार से कार्रवाई कराए – श्री हेमंत खण्डेलवाल*
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता इस संवेदनशील विषय पर मानवता का परिचय देते हुए दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए तमिलनाडु सरकार पर दबाव बनाएं। मध्यप्रदेश के मासूमों पर आई इस विपदा में भी कांग्रेस पार्टी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। जबकि सच्चाई यह है कि तमिलनाडु में इंडी गठबंधन की सरकार है, जो राहुल गांधी के समर्थन से चल रही है। ऐसे में अब कांग्रेस पार्टी के जितने भी सवाल हैं, नकली दवा कैसे बनी, तमिलनाडु से कैसे निकली और कहां-कहां सप्लाई हुई, कंपनी के खिलाफ वहां पर केस दर्ज क्यों नहीं हुआ, कांग्रेस पार्टी को इनके जवाब तमिलनाडु सरकार से मांगना चाहिए, न कि इस तरह की नौटंकी कर जनता को भ्रमित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं को राजनीति बयानबाजी करने की बजाय विपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिबंधित कफ सिरप से हुई घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तमिलनाडु से दवा निर्माता कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार कटिबद्ध है।

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